Sunday, 19 May 2019

Home and House

 ये तेरा घर - ये मेरा घर     

🏬 This is your house - this is my house.

 

✍ There was a Seth Ji, who used to work day and night to increase his business. They just had to become the richest man in the city. After all, he became the wealthiest Sath of the city.



In the happiness of this success he built a magnificent house. On the day of his entry, he organized a very splendid party. When all the guests went, they also went to sleep in their room. Tired of fatigue, as soon as he lay down on the bed, a voice he heard ...



"I am your soul, and now I am leaving your body !!"



Seth panicked, "Hey! You can not do this !!" Without you, I will die. Look, I have achieved this success after tact and hard work of the years, now going to enjoy this success with amusement The opportunity has come, it has built a strong house for 100 years, it has made millions of rupees, a house filled with happiness, I have made it for you! You do not go from here. "



The soul said, "This is not my house, my house was your body, health was its strength, but in the affair of earning millions, you have neglected its maintenance. Your non-responsibility has destroyed this priceless tan. "



The soul clarified, "Now it is surrounded by diseases like blood pressure, diabetes, thyroid, obesity, back pain, you can not walk properly, you do not sleep at night, your heart has become weak. Due to stress, do not know and how many diseases have become home, this is your body !! "



"Now tell me, do you want to live in a house that has weak and unsafe walls around, whose structure has crumbled, the furniture is termite, the plaster and the color blazer is blown, There is no scarcity of water here, whose roof is dripping, whose window doors are broken. Do you want to stay in such a house? Do not want to stay ... so I can not stay in such a house. . "



Seth regrets shudder with mixed fear !! Now the soul was stopped, neither the power nor the courage was saved in Seth. Leaving a deep faith, the soul got out of the body of Seth ji ... the body of Seth was lying down.



👉 This story is the reality of most people today. Must achieve success, but not by sacrificing health. 

Otherwise, even after getting a floor like Seth, you will be deprived of enjoying your success !! Let's get up in the morning, walk, run and drive.


We first earn money by compromising the body in the job / business and later spend money in the hospital to get the body



   Always be happy

                    Which is enough - enough

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😴 😴 👉 कहानी 👈 😴 😴

      🏬 ये तेरा घर - ये मेरा घर 🇲🇰
 
✍ एक सेठ जी थे, जो दिन-रात अपना काम-धँधा बढ़ाने में लगे रहते थे। उन्हें तो बस, शहर का सबसे अमीर आदमी बनना था। धीरे-धीरे पर आखिर वे नगर के सबसे धनी सेठ बन ही गए।

इस सफलता की ख़ुशी में उन्होने एक शानदार घर बनवाया। गृह प्रवेश के दिन, उन्होने एक बहुत शानदार पार्टी का आयोजन किया। जब सारे मेहमान चले गए तो वे भी अपने कमरे में सोने के लिए चले आए। थकान से चूर, जैसे ही बिस्तर पर लेटे, एक आवाज़ उन्हें सुनायी पड़ी...

"मैं तुम्हारी आत्मा हूँ, और अब मैं तुम्हारा शरीर छोड़ कर जा रही हूँ !!"

सेठ घबरा कर बोले, "अरे! तुम ऐसा नहीं कर सकती!!, तुम्हारे बिना तो मैं मर ही जाऊँगा। देखो!, मैंने वर्षों के तनतोड़-परिश्रम के बाद यह सफलता अर्जित की है। अब जाकर इस  सफलता को आमोद प्रमोद से भोगने का अवसर आया है। सौ वर्ष तक टिके, ऐसा मजबूत मकान मैने बनाया है। यह करोड़ों रूपये का, सुख सुविधा से भरपूर घर, मैंने तुम्हारे लिए ही तो बनाया है!, तुम यहाँ से मत जाओ।"

आत्मा बोली, "यह मेरा घर नहीं है, मेरा घर तो तुम्हारा शरीर था, स्वास्थ्य ही उसकी मजबूती थी, किन्तु करोड़ों कमाने के चक्कर में, तुमने इसके रख-रखाव की अवहेलना की है। मौज-शौक के कबाड़ तो भरता रहा, पर मजबूत बनाने पर किंचित भी ध्यान नहीं दिया। तुम्हारी गैर जिम्मेदारी ने इस अमूल्य तन का नाश ही कर डाला है।"

आत्मा नें स्पष्ट करते हुए कहा, "अब इसे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, थायरॉइड, मोटापा, कमर दर्द जैसी बीमारियों ने घेर लिया है। तुम ठीक से चल नहीं पाते, रात को तुम्हे नींद नहीं आती, तुम्हारा दिल भी कमजोर हो चुका है। तनाव के कारण, ना जाने और कितनी बीमारियों का घर बन चुका है, ये तुम्हारा शरीर!!"

"अब तुम ही बताओ, क्या तुम किसी ऐसे जर्जरित घर में रहना चाहोगे, जिसके चारो ओर कमजोर व असुरक्षित दीवारें हो, जिसका ढाँचा चरमरा गया हो, फर्नीचर को दीमक खा रही हो, प्लास्टर और रंग-रोगन उड़ चुका हो, ढंग से सफाई तक न होती हो, यहाँ वहाँ गंदगी पड़ी रहती हो। जिसकी छत टपक रही हो, जिसके खिड़की दरवाजे टूटे हों!! क्या रहना चाहोगे ऐसे घर में? नहीं रहना चाहोगे ना!! ...इसलिए मैं भी ऐसे आवास में नहीं रह सकती।"

सेठ पश्चाताप मिश्रित भय से काँप उठे!! अब तो आत्मा को रोकने का, न तो सामर्थ्य और न ही साहस सेठ में बचा था। एक गहरी निश्वास छोड़ते हुए आत्मा, सेठ जी के शरीर से निकल पड़ी...

सेठ का पार्थिव बंगला पडा रहा।

👉 ये कहानी आज अधिकांश लोगों की हकीकत है। सफलता अवश्य हासिल कीजिए, किन्तु स्वास्थ्य की बलि देकर नहीं। अन्यथा सेठ की तरह मंजिल पा लेने के बाद भी, अपनी सफलता का लुत्फ उठाने से वंचित रह जाएँगे!! आइये आज से ही सुबह उठे, चले, दौड़े तथा व्ययाम करें।

हम पहले पैसा कमाते है नौकरी/व्यवसाय में शरीर से समझौता करके बाद में हस्पताल में पैसा खर्चते हैं शरीर पाने के लिए

   सदैव प्रसन्न रहिये 😇
                    जो प्राप्त है-पर्याप्त है🙏

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