Wednesday, 9 January 2019

Do the deeds and get the reward

Karmbogh

Very enlightening story!

* In a village, a farmer lived, his family had his wife and a boy. After a few years, the wife died, at that time the boy's age was ten years.

The farmer married another The farmer also received a son from that second wife.Cissan's second wife also died shortly after. *

* The eldest son of the farmer, who had received from the first wife when he was eligible for marriage, the farmer got married to the eldest son.

Then the farmer too died after some time. The younger son of the farmer who had received from the second wife and the eldest son from the first wife lived together.

After some time, the poor boy's health began to worsen. The elder brother had some treatment near nearby doctors but no relief was found. The daytime of the little brother was getting worse and it was also very costly. *

* One day the elder brother advised his wife that if this younger brother dies, we will not have to spend money for the treatment.

And half of the property will not even have to pay. Then his wife said that why no one would be poisoned by talking to a physician and nobody would know it, even in some relation there would be no doubt that he had died from illness. *

* The elder brother did the same thing with a physician that you tell your fees to do this, my little sick brother is poisoned with the excuse of medicine!

Vaidya accepted the offer and gave poison to the boy and the boy died. His brother Sister in law gladly stopped the thorn of the way. Now all the property has become yours.

He was cremated. After a few months, the farmer's elder son's wife was a boy!

Those husband and wife happily celebrated, raised a boy with pampered love. The boy became young in only a few years. He married his boy too!

Shortly after the marriage, the boy suddenly became sick. The parents treated him with the treatment of many doctors. The person who gave all the money he had given so that the boy would be cured.

In the treatment of his boy, he sold up to half of his property, but the boy came to the brink of death due to illness. The body became so weak that the osteoporosis was left. *

* One day, the boy was lying on the bedboard and his father was looking at him sadly after seeing this miserable condition of his son sitting in front of him!

Then the boy said to his father that the brother had all done his account, now the coffin and the timber are still ready.

Hearing this, her father thought that the boy's brain is not working too because of the illness and said son, I am your father, no brother! *

Then the boy said, I am your only brother who killed you by poisoning. The property that you had died for, now I have been half sold for my treatment. Your balance is ours!

* Then her father cried out loudly and said that I was completely destroyed. Which made me come forward. But what is the fault of your wife who will burn this poor person alive?

(At that time Sati was in which after the husband's death, the wife was burnt with the husband's pyre)
Then the boy said that where he is Vaidya, who had poisoned me. Then his father said that he died after three years of his death.

Then the boy said that this same evil physician is in my wife's form today and it will be lit alive on my death.

Our life is full of ups and downs, we have our own deeds. As we will sow, we will have to bite like that.

Do the deeds and get the reward,

If not today or tomorrow, tomorrow.

The deeper the more the well,

Get as much sweet water.

Every difficult question of life,

_ * Resolve from life itself.


🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹




Karmbogh

बहुत ही ज्ञानवर्धक कथा जरूर पढ़ें!

*एक गाँव में एक किसान रहता था उसके परिवार में उसकी पत्नी और एक लड़का था। कुछ सालों के बाद पत्नी की मृत्यु हो गई उस समय लड़के की उम्र दस साल थी।

किसान ने दूसरी शादी कर ली। उस दूसरी पत्नी से भी किसान को एक पुत्र प्राप्त हुआ।किसान की दूसरी पत्नी की भी कुछ समय बाद मृत्यु हो गई।*

*किसान का बड़ा बेटा जो पहली पत्नी से प्राप्त हुआ था जब शादी के योग्य हुआ तब किसान ने बड़े बेटे की शादी कर दी।

फिर किसान की भी कुछ समय बाद मृत्यु हो गई। किसान का छोटा बेटा जो दूसरी पत्नी से प्राप्त हुआ था और पहली पत्नी से प्राप्त बड़ा बेटा दोनों साथ साथ रहते थे।

कुछ समय बाद किसान के छोटे लड़के की तबियत खराब रहने लगी। बड़े भाई ने कुछ आस पास के वैद्यों से इलाज करवाया पर कोई राहत ना मिली। छोटे भाई की दिन ब दिन तबियत बिगड़ती जा रही थी और बहुत खर्च भी हो रहा था।*

*एक दिन बड़े भाई ने अपनी पत्नी से सलाह की कि यदि ये छोटा भाई मर जाए तो हमें इसके इलाज के लिए पैसा खर्च ना करना पड़ेगा।

और जायदाद में आधा हिस्सा भी नहीं देना पड़ेगा। तब उसकी पत्नी ने कहा कि क्यों न किसी वैद्य से बात करके इसे जहर दे दिया जाए किसी को पता भी ना चलेगा किसी रिश्तेदारी में भी कोई शक ना करेगा कि बीमार था बीमारी से मृत्यु हो गई।*

*बड़े भाई ने ऐसे ही किया एक वैद्य से बात की कि आप अपनी फीस बताओ ऐसा करना मेरे छोटे बीमार भाई को दवा के बहाने से जहर देना है !

वैद्य ने बात मान ली और लड़के को जहर दे दिया और लड़के की मृत्यु हो गई।उसके भाई भाभी ने खुशी मनाई की रास्ते का काँटा निकल गया अब सारी सम्पत्ति अपनी हो गई।

उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। कुछ महीनों पश्चात उस किसान के बड़े लड़के की पत्नी को लड़का हुआ !

उन पति पत्नी ने खूब खुशी मनाई, बड़े ही लाड़ प्यार से लड़के की परवरिश की। कुछ ही गिने वर्षों में लड़का जवान हो गया। उन्होंने अपने लड़के की भी शादी कर दी!

शादी के कुछ समय बाद अचानक लड़का बीमार रहने लगा। माँ बाप ने उसके इलाज के लिए बहुत वैद्यों से इलाज करवाया। जिसने जितना पैसा माँगा दिया सब कुछ दिया ताकि लड़का ठीक हो जाए ।

अपने लड़के के इलाज में अपनी आधी सम्पत्ति तक बेच दी पर लड़का बीमारी के कारण मरने की कगार पर आ गया। शरीर इतना ज्यादा कमजोर हो गया की अस्थि-पिंजर शेष रह गया था।*

*एक दिन लड़के को चारपाई पर लेटा रखा था और उसका पिता साथ में बैठा अपने पुत्र की ये दयनीय हालत देख कर दुःखी होकर उसकी ओर देख रहा था!

तभी लड़का अपने पिता से बोला कि भाई अपना सब हिसाब हो गया बस अब कफन और लकड़ी का हिसाब बाकी है उसकी तैयारी कर लो।

ये सुनकर उसके पिता ने सोचा की लड़के का दिमाग भी काम नहीं कर रहा है बीमारी के कारण और बोला बेटा मैं तेरा बाप हूँ भाई नहीं!*

तब लड़का बोला मैं आपका वही भाई हूँ जो आप ने जहर खिलाकर मरवाया था । जिस सम्पत्ति के लिए आप ने मरवाया था मुझे अब वो मेरे इलाज के लिए आधी बिक चुकी है आपकी शेष है हमारा हिसाब हो गया !

*तब उसका पिता फ़ूट-फूट कर रोते हुए बोला कि मेरा तो कुल नाश हो गया। जो किया मेरे आगे आ गया। पर तेरी पत्नी का क्या दोष है जो इस बेचारी को जिन्दा जलाया जाएगा ।

(उस समय सतीप्रथा थी जिसमें पति के मरने के बाद पत्नी को पति की चिता के साथ जला दिया जाता था)
तब वो लड़का बोला की वो वैद्य कहाँ है, जिसने मुझे जहर खिलाया था। तब उसके पिता ने कहा की आप की मृत्यु के तीन साल बाद वो मर गया था।

तब लड़के ने कहा कि ये वही दुष्ट वैद्य आज मेरी पत्नी रूप में है मेरे मरने पर इसे जिन्दा जलाया जाएगा ।

हमारा जीवन जो उतार-चढ़ाव से भरा है इसके पीछे हमारे अपने ही कर्म होते हैं। हम जैसा बोएंगे, वैसा ही काटना पड़ेगा।

कर्म करो तो फल मिलता है,
आज नहीं तो कल मिलता है।
जितना गहरा अधिक हो कुआँ,
उतना मीठा जल मिलता है।
जीवन के हर कठिन प्रश्न का,
_*जीवन से ही हल मिलता है।
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