Sunday, 26 May 2019

Petition File in Supreme Court Against Pension To Politicians

Petition File in Supreme Court Against Pension To Politicians

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अब नेताओ की खैर नही सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई है, इसे आपके आकलन के लिए भेज रहे है .. 

प्रिय / सम्मानित भारत के नागरिकों... 

आपसे इस संदेश को पढ़ने का अनुरोध किया जाता है और अगर सहमत हैं,तो कृपया अपनी संपर्क के सभी लोगों को भेजे और बदले में उनमें से प्रत्येक को भी आगे भेजने के लिए कहें। तीन दिनों में, पूरे भारत में यह संदेश होना चाहिए। भारत में हर नागरिक को आवाज उठानी चाहिए_2019 का सुधार अधिनियम_ - सांसदों को पेंशन नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि राजनीति कोई नौकरी या रोजगार नही है बल्कि एक निःशुल्क सेवा है।

 - राजनीति लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एक चुनाव है,इसकी पुनर्निर्माण पर कोई सेवानिवृत्ति नहीं है,लेकिन उन्हें फिर से उसी स्थिति में फिर से चुना जा सकता है। (वर्तमान में उन्हें पेंशन मिलती है सेवा के 5 साल होने पर)।

इसमें एकऔर बड़ी गड़बड़ी यह है कि अगर कोई व्यक्ति पहले पार्षद रहा हो,फिर विधायक बन जाए और फिर सांसद बन जाए तो उसे एक नहीं,बल्कि तीन-तीन पेंशनें मिलती हैं।

यह देश के नागरिकों साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है जो तुरंत बंद होना चाहिए। - केंद्रीय वेतन आयोग के साथ संसद सदस्यों सांसदो का वेतन भत्ता संशोधित किया जाना चाहिए और इनको इनकम टैक्स के दायरे में लाया जाए।

(वर्तमान में वे स्वयं के लिए मतदान करके मनमाने ढंग से अपने वेतन व भत्ते बढा लेते हैं और उस समय सभी दलों के सुर एक हो जाते हैं।

- सांसदों को अपनी वर्तमान स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली त्यागनी चाहिए और भारतीय जन-स्वास्थ्य के समान स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में भाग लेना चाहिए।

इलाज विदेश में नही भारत मे होना चाहिए इनका,अगर विदेश में करवाना है तो अपने खर्च से करवाएँ । मुफ्त छूट,राशन,बिजली,पानी,फोन बिल जैसी सभी रियायत समाप्त होनी चाहिए। (वे न केवल ऐसी बहुत सी रियायतें प्राप्त करते हैं बल्कि वे नियमित रूप से इसे बढ़ाते भी रहे हैं)

- अपराधी नेताओं को चुनाव लड़ने से रोका जाए, संदिग्ध व्यक्तियों के साथ दंडित रिकॉर्ड,अपराधिक आरोप और दृढ़ संकल्प, अतीत या वर्तमान को संसद से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, कार्यालय में राजनेताओं के कारण होने वाली वित्तीय हानि,उनके परिवारों,नामांकित व्यक्तियों,संपत्तियों से वसूल की जानी चाहिए।

- सांसदों को भी सामान्य भारतीय लोगों पर लागू सभी कानूनों का समान रूप से पालन करना चाहिए।

- नागरिकों द्वारा एलपीजी गैस सब्सिडी का कोई समर्पण नहीं जब तक सांसदों और विधायकों को उपलब्ध सब्सिडी,संसद कैंटीन में सब्सिडी वाले भोजन,सहित अन्य रियायतें वापस नहीं ले ली जाती।

-संसद में सेवा करना एक सम्मान है,लूटपाट के लिए एक आकर्षक करियर नहीं।

-फ्री रेल और हवाई जहाज की यात्रा की सुविधा बंद हो।

आम आदमी क्यो उठाये इनकी मौज मस्ती का खर्च

यदि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम बीस लोगों से संपर्क करता है तो भारत में अधिकांश लोगों को यह संदेश प्राप्त करने में केवल तीन दिन लगेंगे।

क्या आपको नहीं लगता कि यह मुद्दा उठाने का सही समय है ?

यदि आप उपर्युक्त से सहमत हैं, तो इसे forward करें।

यदि नहीं, तो बस हटाएं।

आप मेरे 20+ में से एक हैं कृपया इसे जारी रखें...
https://crazy-guru.anxietyattak.com/2019/05/petition-file-in-supreme-court-against.html

धन्यवाद।

जयहिन्द,वन्देमातरम्...🙏 














Now a leader of the leaders has filed a PIL in the Supreme Court, sending it for your assessment.



Dear / Respected Citizens of India ...



If you are requested to read this message and if you agree, please send all the people of your contact and in turn ask them to forward each of them also. In three days, this message should be done all over India. Every citizen should raise voice in India. Improvement of the post of MD019 Act_ - MPs should not get pension because politics is not a job or employment, but a free service.



 - Politics is an election under the Public Representation Act, there is no retirement on its reconstruction, but they can be re-elected in the same situation again. (Currently he gets pension, after 5 years of service)



One more disorder is that if a person is a first councilor, then become a legislator and then become a member, then he gets three-three pension but not one.



It is a big betrayal with the citizens of the country which should be closed immediately. - With the Central Pay Commission, the salary allowance of MPs of MPs should be revised and they should be brought under the income tax.



(At present, they increase their salaries and allowances arbitrarily by voting for themselves and at that time all the parties become united.



- MPs should discard their current health care system and participate in health care system similar to Indian public health.



Treatment should not be done abroad in India, if it is to be done abroad, get it done at your own expense. All concession of free discount, ration, electricity, water and phone bill should be discontinued. (They not only receive such concessions but they also have been increasing it regularly)



- Criminals should be prevented from contesting elections, punishments, criminal charges and determination, suspicion or determination with suspicious persons, past or present should be banned from Parliament; financial loss due to politicians in the office, their families, nominated persons, Assets should be recovered from



MPs should also follow all the laws applicable to common Indian people alike.



- There is no dedication to the LPG gas subsidy by the citizens unless other subsidies including subsidized food available to MPs and MLAs, subsidized food in the Parliament canteen are withdrawn.



- Serving in the Parliament is a respect, not a lucrative career for looting.



-Free rail and airplane travel facility is closed.



Why the common man raised their fun



If every person communicates with at least twenty people, most people in India will only take three days to get this message.



Do not you think this is the right time to raise this issue?



If you agree with the above, then forward it.



If not, just delete it.



You are one of my 20+ please continue this ...

आप मेरे 20+ में से एक हैं कृपया इसे जारी रखें...

https://crazy-guru.anxietyattak.com/2019/05/petition-file-in-supreme-court-against.html


Thank you.



Jahhind, vande mataram ... 🙏

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