Wednesday 18 March 2020

Understand the seriousness of the 'incubation period and corona epidemic

Understand the seriousness of the 'incubation period and corona epidemic':

Be courageous but do not be fooled to understand that we are only intelligent.

Do not be fooled by WHO, America, Europe, Prime Minister's Office, IIM, IIT all others who are closing schools, colleges, malls.

If necessary, take the goods from the market but shirts or shoes can be purchased even after one month. Restaurants can be visited even after a month.

I am saying this because I have seen many experts doing this. It is not bravery but stupidity. Such people are still not understanding the seriousness

Carelessly, you are trying to take the lives of many people who want to live for the country or for themselves.

Consider the game of incubation period, which Italy is doomed to not understand.

If any of us were infected with the corona, immediately there will be no symptoms of the disease. He himself will not be aware that he has any problem or has an infection of the virus but it can transmit the infection to another person. Symptoms can come up to 14 days after infection with the virus.

That's why you and we are sitting with a healthy person, even though he may be in an incubation period, we may have brought an infection with us and given it to our family members or our relatives. We will also know when the symptoms of the disease start appearing.

I am not doing evil to any pathist, but no matter how many claims someone makes, the truth is that COVID-19 is not treated. What he is saying is treatment, he is lying white. The day the disease appears, the immunity of the person and the ability of the virus to become ill and the strength of organs like lungs, heart, kidneys, will decide whether he will survive.

Therefore, those who show this daring will prove to be the killers of old people in their own homes whose immunity is weakened.

No need to panic, but stop unnecessary meetings, walking, meeting for a few days. Only these distances can save masks, gloves, sanitizers are not any protective, only they can be helpful.

You don't even do it yourself, but worry about your loved ones. Do not give death to those who have given you life.

There is still time, be careful.

Do not consider all those people who are doing so much exercise foolishly, otherwise even if you cross the figure in India, you will not be surprised.

Despite seeing the situation of China and Italy, the big mistake Spain made should not be repeated in India. Given the number of Corona patients last week, Spain's school colleges were closed by government order, so many children and their parents, grandparents Nana Nani etc. started picnic in the park. As a result, the number of patients suddenly started increasing. Then, with strictness and impunity, the people were persuaded that it was not a holiday but an emergency. Strictly ordered to stay at home. But how far and how far the infection has spread in the meantime, it is not known right now. It will be detected in the next two weeks.
The residents of India are requested to learn from these big mistakes, become aware now and try not to meet more people. Wherever there is a possibility of crowds, do not go there if it is not absolutely necessary. If you stay at home for a few days, everyone will be safe. Use your common sense that if there is really no need to go out, stay with the family at home. Do apply mask if necessary. Wash hands frequently with soap. Postpone any family or social celebration for some time. The less people you meet, the more safe you and your own will be. Remember that every step you take wisely can be very effectively helpful in fighting this epidemic. Avoid the crowd, stay safe with awareness, stay healthy.

 I request once. Read it honestly, maybe you and we live and be safe.

'इन्क्यूबेशन पीरियड और कोरोना महामारी' की गम्भीरता को समझिए:
साहसी बनिए पर सिर्फ़ हम ही बुद्धिमान है ऐसा समझने की बेवकूफ़ी मत कीजिए ।
WHO, अमेरिका, यूरोप, प्रधानमन्त्री कार्यालय, IIM, IIT अन्य सभी को बेवकूफ़ मत समझिए जो स्कूल, कॉलेज, मॉल बन्द करवा रहे है ।
बहुत आवश्यक हो तो बाजार से सामान जरूर लें पर शर्ट या जूते एक महीने बाद भी खरीदे जा सकते है । रेस्टोरेंट एक महीने बाद भी जा सकते है ।
यह मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि कई जानकारों को ऐसा करते देखा है । यह बहादुरी नहीं मूर्खता है । ऐसे लोग अब भी गम्भीरता को नहीं समझ रहे है 
लापरवाही से आप अपने साथ उन अनेक लोगों की जान लेने का प्रयास कर रहे है जो देश के लिए या अपने लिए जीना चाहते है ।

इन्क्यूबेशन पीरियड का खेल समझिए जिसे न समझने से इटली बर्बाद हुआ है ।

आप हम में से कोई भी कोरोना से इन्फेक्टेड हुआ तो ऐसा होते ही तुरन्त उसमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं होंगे । उसे खुद भी मालूम नहीं होगा कि उसे कोई परेशानी है या वायरस का इन्फेक्शन हो गया है परन्तु उससे अन्य व्यक्ति में इन्फेक्शन ट्रांसमिट हो सकता है । वायरस से इन्फेक्ट होने से 14 दिन बाद तक कभी भी लक्षण आ सकते है । 
इसलिए आप और हम स्वस्थ लगने वाले व्यक्ति के साथ बैठे हो तब भी हो सकता है वह इन्क्यूबेशन पीरियड में हो ऐसे में हो सकता है हम कोई इन्फेक्शन अपने साथ ले आए और अपने परिवार के सदस्यों या अपने कलीग्स को दे आए । यह हमें भी पता तब चलेगा जब बीमारी के लक्षण दिखने लगेंगे ।
मैं किसी पैथी की बुराई नहीं कर रहा हूँ लेकिन कोई कितने ही दावे करे सच यह है कि COVID-19 का इलाज़ नहीं है । जो कह रहा है उसके पास इलाज़ है वह सफ़ेद झूठ बोल रहा है । जिस दिन बीमारी दिखेगी उस दिन उस व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता और वायरस की बीमार करने की क्षमता तथा उसके फेफड़ों, हार्ट, गुर्दे जैसे अंगों का सामर्थ्य तय करेगा कि वह ज़िन्दा बचेगा या नहीं । 
इसलिए यह दुस्साहस दिखाने वाले लोग अपने ही घर के वृद्ध लोगों के हत्यारे साबित होंगे जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई है ।
घबराने की आवश्यकता नहीं है पर अनावश्यक गोष्ठियां, घूमना, मिलना कुछ दिनों के लिए बन्द कीजिए । केवल ये दूरियां ही बचा सकती है मास्क, ग्लव्ज़, सैनिटाइजर कोई भी प्रोटेक्टिव नहीं है सिर्फ़ सहायक हो सकते है । 
अपनी नहीं भी करते हो पर अपनों की चिंता कीजिए । आपको जिन्होंने जीवन दिया है उन्हें मौत मत दीजिए ।
अभी भी वक़्त है सावधान हो जाइए । 
जो लोग इतनी कवायद कर रहे है उन सबको बेवकूफ़ मत समझिए वरना भारत में आंकड़ा किस कदर भी पार कर जाए तो भी आश्चर्य नहीं होगा ।
चीन और इटली के हालात देखने के बावजूद जो बड़ी ग़लती स्पेन ने की वो अब भारत में न दोहरायें। पिछले सप्ताह कोरोना मरीज़ों की संख्या देखते हुए सरकारी आदेश से स्पेन के स्कूल कॉलेज बंद करवा दिये गये तो कई बच्चे और उनके माता पिता, दादा दादी नाना नानी आदि पार्क में पिकनिक करने लगे। इसका नतीजा यह हुआ कि अचानक से मरीज़ों की संख्या बढ़ने लगी। तब सख़्ती से और दंड से लोगों को समझाया गया कि यह छुट्टियों का समय नहीं बल्कि आपातकाल है। सख़्ती से घर पर रहने के आदेश दिये गये। किंतु इस बीच इनफ़ेक्शन कहाँ तक और कितना फैल गया, फ़िलहाल इसका अंदाज़ा नहीं है। आगे आने वाले दो सप्ताह में इसका पता लग ही जायेगा। 

भारत के निवासियों से निवेदन है, इन बड़ी बड़ी ग़लतियों से सबक़ लें, अभी से जागरूक हो जायें और कोशिश करें कि अधिक लोगों से न मिलें। जहाँ भी भीड़ की संभावना हो, यदि अत्यंत आवश्यक न हो तो वहाँ न जायें। कुछ दिन घर में रहें तो सभी सुरक्षित रहेंगे। अपने कॉमन सेंस का प्रयोग करें कि यदि बाहर जाने की वाक़ई ज़रूरत न हो तो परिवार सहित घर में ही बने रहें। ज़रूरी होने पर मास्क अवश्य लगायें। साबुन से बार बार  हाथ धोयें । कोई भी पारिवारिक या सामाजिक उत्सव कुछ समय के लिये स्थगित कर दें। आप जितने कम लोगों से मिलेंगे, आप और आपके अपने उतने ही सुरक्षित रहेंगे। याद रखिये कि समझदारी से उठाया गया आपका प्रत्येक क़दम इस महामारी से लड़ने में अत्यंत प्रभावशाली तौर से सहायक हो सकता है। भीड़ से बचें, जागरूकता के साथ सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें।
 मेरा निवेदन है एकबार.ईमानदारी से पूरा पढ लेवे शायद आप और हम जीवित और सुरक्षित रहे

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