Sunday, 12 April 2020

The truth that came to everyone during the Covid19 Lockdown

👉अवश्य पढे़
👁👁
सत्य  बाते जो लॉकडाऊन के दौरान सभी के सामने आई.
https://bit.ly/2RvRAlA Must read

The truth that came to everyone during the Covid19 Lockdown.

(1) "America" ​​is no longer the best country in the world
(2) "China" can never think of world welfare
(3) European countries are not as educated and improved as we think
(4) People of the Indian subcontinent have the highest immunity in the world.
♂♂ (5) No Priest, Pundit, Molvi or Baba can cure a single patient, Kill and Save is in the hands of  God
(6) Health workers, police and administration personnel are the real heroes and not cricketers and film stars
(7) Gold and oil have no importance in the world without use.
 (8) For the first time, animals and birds felt that this world belongs to them as well.
(9) The stars really twinkle, this belief was first made to the children of the metros.
(10) We and our children can live without * 'junk food'.
(11) Living a clean and simple life is not a difficult task.
(13) Money has no value
(14) Humanity is littered among the Indian rich.
(15) The best way Indians can handle bad times
(16) Church / Temple / Mosque Are Not Important But Hospitals and Schools.
(17) Education is Very Important for our Leaders too.  


  ​​Follow your culture, stay at home, stay safe.

(1)"अमेरिका" अब दुनिँया का सबसे बेहतर देश नहीं रहा

(2) "चीन" कभी विश्व कल्याण की नही सोच सकता

(3)यूरोपीय देश उतने शिक्षित और सुधरे हुए भी नहीं जितना हम सोचते है

(4)भारतीय उपमहाद्वीप के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता विश्व में सबसे ज्यादा है।
🎅👳‍♂
(5)कोई भी पादरी, पुजारी या मौलवी एक भी रोगी को ठीक नहीं कर सकता, मारना और बचाना सब   ईश्वर के हाथो में है

(6)स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस और प्रशासन कर्मी ही असली हीरो हैं ना कि क्रिकेटर और फिल्मी सितारे

(7)बिना उपयोग के विश्व में सोना चाँदी और तेल का कोई महत्व नहीं।

 (8)पहली बार पशु एवम् पक्षियों को लगा कि यह संसार उनका भी है

(9)तारे वास्तव में टिमटिमाते हैं यह विश्वास महानगरों के बच्चों को पहली बार हुआ

(10) हम और हमारे बच्चे बिना *'जंक फूड' के भी जिन्दा रह सकते है।

(11) साफ सुथरा और सादा जीवन जीना कोई कठिन कार्य नहीं है। 

(13) पैसे की कोई वैल्यू नही है

(14) भारतीय अमीरों मे मानवता कुट-कुट कर भरीं हुईं है 

(15)खराब समय को भारतीय सबसे बहेतरीन तरीक़े से संभाल सकते है

(16) चर्च / मंदिर / मस्जिद महत्वपूर्ण नहीं हैं लेकिन अस्पताल और स्कूल हैं।


(17) शिक्षा हमारे नेताओं के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है।

👆🏻अपनी संस्कृति का पालन कीजिए,घर मे रहे,सुरक्षित रहे।।





रावण द्वारा सीता हरण करके श्रीलंका जाते समय पुष्पक विमान का मार्ग क्या था ?

उस मार्ग में कौनसा वैज्ञानिक रहस्य छुपा हुआ है ?
उस मार्ग के बारे में हज़ारों साल पहले कैसे जानकारी थी ?

पढ़ो इन प्रश्नों के उत्तर वामपंथी इतिहारकारों के लिए मृत्यु समान हैं |रावण ने माँ सीता का अपहरण पंचवटी (नासिक, महाराष्ट्र) से किया और पुष्पक विमान द्वारा हम्पी (कर्नाटका), लेपक्षी (आँध्रप्रदेश ) होते हुए श्रीलंका पहुंचा |

आश्चर्य होता है जब हम आधुनिक तकनीक से देखते हैं की नासिक, हम्पी, लेपक्षी और श्रीलंका बिलकुल एक सीधी लाइन में हैं | अर्थात ये पंचवटी से श्रीलंका जाने का सबसे छोटा रास्ता है |

अब आप ये सोचिये उस समय Google Map नहीं था जो Shortest Way बता देता | फिर कैसे उस समय ये पता किया गया की सबसे छोटा और सीधा मार्ग कौनसा है ?

या अगर भारत विरोधियों के अहम् संतुष्टि के लिए मान भी लें की चलो रामायण केवल एक महाकाव्य है जो वाल्मीकि ने लिखा तो फिर ये बताओ की उस ज़माने में भी गूगल मैप नहीं था तो रामायण लिखने वाले वाल्मीकि को कैसे पता लगा की पंचवटी से श्रीलंका का सीधा छोटा रास्ता कौनसा है ?

महाकाव्य में तो किन्ही भी स्थानों का ज़िक्र घटनाओं को बताने के लिए आ जाता |लेकिन क्यों वाल्मीकि जी ने सीता हरण के लिए केवल उन्ही स्थानों का ज़िक्र किया जो पुष्पक विमान का सबसे छोटा और बिलकुल सीधा रास्ता था ?

ये ठीक वैसे ही है की आज से 500 साल पहले गोस्वामी तुलसीदास जी को कैसे पता की पृथ्वी से सूर्य की दूरी क्या है ? (जुग सहस्त्र जोजन पर भानु = 152 मिलियन किमी - हनुमानचालीसा),जबकि नासा ने हाल ही कुछ वर्षों में इस दूरी का पता लगाया है |

अब आगे देखिये...पंचवटी वो स्थान है जहां प्रभु श्री राम, माता जानकी और भ्राता लक्ष्मण वनवास के समय रह रहे थे |
यहीं पर शूर्पणखा आई और लक्ष्मण से विवाह करने के लिए उपद्रव करने लगी विवश होकर लक्ष्मण ने शूपर्णखा की नाक यानी नासिका काट दी |और आज इस स्थान को हम नासिक (महाराष्ट्र) के नाम से जानते हैं | आगे चलिए...

पुष्पक विमान में जाते हुए सीता ने नीचे देखा की एक पर्वत के शिखर पर बैठे हुए कुछ वानर ऊपर की ओर कौतुहल से देख रहे हैं तो सीता ने अपने वस्त्र की कोर फाड़कर उसमे अपने कंगन बांधकर नीचे फ़ेंक दिए, ताकि राम को उन्हें ढूढ़ने में सहायता प्राप्त हो सके |जिस स्थान पर सीताजी ने उन वानरों को ये आभूषण फेंके वो स्थान था 'ऋष्यमूक पर्वत' जो आज के हम्पी (कर्नाटक) में स्थित है |

इसके बाद वृद्ध गीधराज जटायु ने रोती हुई सीता को देखा, देखा की कोई राक्षस किसी स्त्री को बलात अपने विमान में लेके जा रहा है |जटायु ने सीता को छुड़ाने के लिए रावण से युद्ध किया | रावण ने तलवार से जटायु के पंख काट दिए |

इसके बाद जब राम और लक्ष्मण सीता को ढूंढते हुए पहुंचे तो उन्होंने दूर से ही जटायु को सबसे पहला सम्बोधन 'हे पक्षी' कहते हुए किया | और उस जगह का नाम दक्षिण भाषा में 'लेपक्षी' (आंधप्रदेश) है |अब क्या समझ आया आपको ? पंचवटी---हम्पी---लेपक्षी---श्रीलंका | सीधा रास्ता | सबसे छोटा रास्ता |गूगल मैप का निकला गया फोटो नीचे है |
अपने ज्ञान-विज्ञान, संस्कृति को भूल चुके भारतबन्धुओं रामायण कोई मायथोलोजी नहीं है |
ये महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखा गया सत्य इतिहास है।जिसके समस्त वैज्ञानिक प्रमाण आज उपलब्ध हैं |इसलिए जब भी कोई वामपंथी हमारे इतिहास, संस्कृति, साहित्य को मायथोलोजी कहकर लोगो को भ्रमित करने का या खुद को विद्वान दिखाने का प्रयास करे तो उसको पकड़कर बिठा लेना और उससे इन सवालों के जवाब पूछना | विश्वाश करो एक का भी जवाब नहीं दे पायेगा |

अब इस सबमे आपकी ज़िम्मेदारी क्या है ?आपके हिस्से की ज़िम्मेदारी ये है की अब जब टीवी पर रामायण देखें तो ये ना सोचें की कथा चल रही है बल्कि निरंतर ये ध्यान रखें की ये हमारा इतिहास चल रहा है | इस दृष्टि से रामायण देखें और समझें |

विशेष आवश्यक ये कि यही दृष्टि हमारे बच्चों को दें, बच्चों को ये बात बोलकर कम से कम एक-दो बार कहें कि 'बच्चो ये कथा कहानी नहीं है, ये हमारा इतिहास है, जिसको मिटाने की कोशिश की गई है |'

इधर हम आपको नित्य भारत के इतिहास-संस्कृति के वैज्ञानिक प्रमाणों वाली जानकारी उपलब्ध कराते रहेंगे |ताकि भारत राष्ट्र संस्कृति बचाने की इस लड़ाई में आपके पास सबूत और प्रमाण हर समय उपलब्ध रहें।




A Special Song release all over the Social World made by Composer, Singer, Writer of this Version " Corona Bhaagja" Song Studio Version in the Voice of Indian Idol & Saregamapa Concert Singer: Rajdeep Malhotra, India in prayer to the  Welfare of this World

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