Friday, 27 September 2019

All the senior citizens (above 55 years of age) must read it, it may be beneficial for you

👨‍🏫👩‍🏫 सभी वरिष्ठ नागरिक (55 से ऊपर की उम्र के) कृपया अवश्य पढ़ें, हो सकता है आपके लिए फायदेमंद हो ..

All the senior citizens (above 55 years of age) must read it, it may be beneficial for you ..


         
आप जानते हैं कि मन चाहे कितना ही जोशीला हो पर साठ की उम्र पार होने पर यदि आप अपनेआप को फुर्तीला और ताकतवर समझते हों तो यह गलत है।  वास्तव में ढलती उम्र के साथ शरीर उतना ताकतवर और फुर्तीला नहीं रह जाता।

आपका शरीर ढलान पर होता है, जिससे ‘हड्डियां व जोड़ कमजोर होते हैं, पर कभी-कभी मन भ्रम बनाए रखता है कि ‘ये काम तो मैं चुटकी में कर लूँगा’।  पर बहुत जल्दी सच्चाई सामने आ जाती है मगर एक नुकसान के साथ।

सीनियर सिटिजन होने पर जिन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए, ऐसी कुछ टिप्स दे रहा हूं।

 -- धोखा तभी होता है जब मन सोचता है कि ‘कर लूंगा’ और शरीर करने से ‘चूक’ जाता है।  परिणाम एक एक्सीडेंट और शारीरिक क्षति!

ये क्षति फ्रैक्चर से लेकर ‘हेड इंज्यूरी’ तक हो सकती है।  यानी कभी-कभी जानलेवा भी हो जाती है।

-- इसलिए जिन्हें भी हमेशा हड़बड़ी में काम करने की आदत हो, बेहतर होगा कि वे अपनी आदतें बदल डालें।

भ्रम न पालें, सावधानी बरतें क्योंकि अब आप पहले की तरह फुर्तीले नहीं रहे।

छोटी सी चूक कभी बड़े नुक़सान का कारण बन जाती है।

-- सुबह नींद खुलते ही तुरंत बिस्तर छोड़ खड़े न हों, क्योंकि आँखें तो खुल जाती हैं मगर शरीर व नसों का रक्त प्रवाह पूर्ण चेतन्य अवस्था में नहीं हो पाता ।

अतः पहले बिस्तर पर कुछ मिनट बैठे रहें और पूरी तरह चैतन्य हो लें।  कोशिश करें कि बैठे-बैठे ही स्लीपर/चप्पलें पैर में डाल लें और खड़े होने पर मेज या किसी सहारे को पकड़कर ही खड़े हों। अक्सर यही समय होता है डगमगाकर गिर जाने का।

-- गिरने की सबसे ज्यादा घटनाएं बाथरुम/वॉशरुम या टॉयलेट में ही होती हैं।  आप चाहे अकेले हों, पति/पत्नी के साथ या संयुक्त परिवार में रहते हों लेकिन बाथरुम में अकेले ही होते हैं।

-- यदि आप घर में अकेले रहते हों, तो और अधिक सावधानी बरतें क्योंकि गिरने पर यदि उठ न सके तो दरवाजा तोड़कर ही आप तक सहायता पहुँच सकेगी, वह भी तब जब आप पड़ोसी तक समय से सूचना पहुँचाने में सफल हो सकेंगे।

— याद रखें बाथरुम में भी मोबाइल साथ हो ताकि वक्त जरुरत काम आ सके।

-- देशी शौचालय के बजाय हमेशा यूरोपियन कमोड वाले शौचालय का ही इस्तेमाल करें।  यदि न हो तो समय रहते बदलवा लें, इसकी तो जरुरत पड़नी ही है, अभी नहीं तो कुछ समय बाद।

संभव हो तो कमोड के पास एक हैंडिल लगवा लें।  कमजोरी की स्थिति में इसे पकड़ कर उठने के लिए ये जरूरी हो जाता है।

बाजार में प्लास्टिक के वेक्यूम हैंडिल भी मिलते हैं, जो टॉइल जैसी चिकनी सतह पर चिपक जाते हैं, पर इन्हें हर बार इस्तेमाल से पहले खींचकर जरूर जांच-परख लें।

-- हमेशा आवश्यक ऊँचे स्टूल पर बैठकर ही नहायें।

बाथरुम के फर्श पर रबर की मैट जरूर बिछाकर रखें ताकि आप फिसलन से बच सकें।

-- गीले हाथों से टाइल्स लगी दीवार का सहारा कभी न लें, हाथ फिसलते ही आप ‘डिस-बैलेंस’ होकर गिर सकते हैं।

-- बाथरुम के ठीक बाहर सूती मैट भी रखें जो गीले तलवों से पानी सोख ले।  कुछ सेकेण्ड उस पर खड़े रहें फिर फर्श पर पैर रखें वो भी सावधानी से।

-- अंडरगारमेंट हों या कपड़े, अपने चेंजरूम या बेडरूम में ही पहनें।  अंडरवियर, पाजामा या पैंट खडे़-खडे़ कभी नहीं पहनें।

हमेशा दीवार का सहारा लेकर या बैठकर ही उनके पायचों में पैर डालें, फिर खड़े होकर पहनें, वर्ना दुर्घटना घट सकती है।

कभी-कभी स्मार्टनेस की बड़ी कीमत चुकानी पड़ जाती है।

-- अपनी दैनिक जरुरत की चीजों को नियत जगह पर ही रखने की आदत डाल लें, जिससे उन्हें आसानी से उठाया या तलाशा जा सके।

भूलने की आदत हो, तो आवश्यक चीजों की लिस्ट मेज या दीवार पर लगा लें, घर से निकलते समय एक निगाह उस पर डाल लें, आसानी रहेगी।

-- जो दवाएं रोजाना लेनी हों, उनको प्लास्टिक के प्लॉनर में रखें जिससे जुड़ी हुई डिब्बियों में हफ्ते भर की दवाएँ दिन-वार के साथ रखी जाती हैं।

अक्सर भ्रम हो जाता है कि दवाएं ले ली हैं या भूल गये।प्लॉनर में से दवा खाने में चूक नहीं होगी।

-- सीढ़ियों से चढ़ते उतरते समय, सक्षम होने पर भी, हमेशा रेलिंग का सहारा लें, खासकर ऑटोमैटिक सीढ़ियों पर।

ध्यान रहे अब आपका शरीर आपके मन का ओबिडियेंट सरवेन्ट नहीं रहा।

— बढ़ती आयु में कोई भी ऐसा कार्य जो आप सदैव करते रहे हैं, उसको बन्द नहीं करना चाहिए।

कम से कम अपने से सम्बन्धित अपने कार्य स्वयं ही करें।

— नित्य प्रातःकाल घर से बाहर निकलने, पार्क में जाने की आदत न छोड़ें, छोटी मोटी एक्सरसाइज भी करते रहें। नहीं तो आप योग व व्यायाम से दूर होते जाएंगे और शरीर के अंगों की सक्रियता और लचीला पन कम होता जाएगा।  हर मौसम में कुछ योग-प्राणायाम अवश्य करते रहें।

— घर में या बाहर हुकुम चलाने की आदत छोड़ दें। अपना पानी, भोजन, दवाई इत्यादि स्वयं लें जिससे शरीर में सक्रियता बनी रहे।

बहुत आवश्यक होने पर ही दूसरों की सहायता लेनी चाहिए।

— घर में छोटे बच्चे हों तो उनके साथ अधिक समय बिताएं, लेकिन उनको अधिक टोका-टाकी न करें।  उनको प्यार से सिखायें।

-- ध्यान रखें कि अब आपको सब के साथ एडजस्ट करना है न कि सब को आपसे।

-- इस एडजस्ट होने के लिए चाहे, बड़ा परिवार हो,  छोटा परिवार हो या कि पत्नी/पति हो, मित्र हो, पड़ोसी या समाज।

एक मूल मंत्र सदैव उपयोग करें। 
 
1. नोन अर्थात नमक।  भोजन के प्रति स्वाद पर नियंत्रण रखें। 

2. मौन  कम से कम एवं आवश्यकता पर ही बोलें। 

3. कौन (मसलन कौन आया  कौन गया, कौन कहां है, कौन क्या कर रहा है) अपनी दखलंदाजी कम कर दें।               

नोन, मौन, कौन के मूल मंत्र को जीवन में उतारते ही वृद्धावस्था प्रभु का वरदान बन जाएगी जिसको बहुत कम लोग ही उपभोग कर पाते हैं।

कितने भाग्यशाली हैं आप, इसको समझें।

कृपया इस संदेश को अपने घर, रिश्तेदारों, आसपड़ोस के वरिष्ठ सदस्यों को भी अवश्य प्रेषित करें।

https://crazy-guru.anxietyattak.com/2019/09/all-senior-citizens-above-55-years-of.html

All the senior citizens (above 55 years of age) must read it, it may be beneficial for you ..

         

You know that no matter how passionate the mind is, but if you consider yourself to be agile and powerful when you reach the age of sixty, then it is wrong. In fact, with aging age, the body is no longer as powerful and agile.



Your body is on a slope, which makes' bones and joints weak, but sometimes the mind maintains the illusion that 'I will do this in a pinch'. But very soon the truth comes out but with a loss.



I am giving some such tips which should be taken care of when you are a senior citizen.



 - Cheating happens only when the mind thinks that I will do it and the body misses it. The result is an accident and physical damage!



These damage can range from fracture to head injury. That means sometimes even fatal.



- Therefore, whoever has the habit of always working in haste, it is better to change their habits.



Do not be confused, take care because you are no longer as agile as before.



Small lapses can sometimes cause major damage.



- Do not immediately leave the bed as soon as the sleep opens in the morning, because the eyes are opened but the blood flow of the body and veins is not in a fully conscious state.



So first sit in bed for a few minutes and become fully conscious. Try to put the sleepers / slippers on your feet while sitting and while standing, only by holding the table or any support. Often this is the time to stagger and fall.



- The highest incidence of falls is in the bathroom / washroom or toilet. Whether you are alone, living with a spouse or in a joint family, you are alone in the bathroom.



- If you are alone in the house, take more care because if you cannot get up in case of a fall, you will be able to get help by breaking the door, that too when you will be able to send timely information to the neighbor.



Remember that mobile is also in the bathroom so that the need of the hour is useful.



Always use European commode toilet instead of native toilet. If not, get it replaced in time, it needs to be done, if not now, then after some time.



If possible, get a handle placed near the commode. In case of weakness, it becomes necessary to get hold of it.



Plastic vacuum handles are also available in the market, which are affixed to a smooth surface like a toile, but be sure to test them every time before pulling them.



Always take a bath by sitting on the necessary high stool.



Place a rubber mat on the bathroom floor so that you can avoid slippage.



- Never take the support of a wall with tiles with wet hands, you can fall 'dis-balanced' as soon as your hands slip.



- Place cotton mats just outside the bathroom which soak water from wet soles. Stand on it for a few seconds, then put your feet on the floor carefully.



- Wear undergarments or clothes in your changerroom or bedroom. Never wear underwear, pajamas or pants.



Always put feet in their pivots by resorting to the wall or sitting, then wear it while standing, otherwise the accident may occur.



Sometimes smartness costs a lot.



- Make a habit of keeping your daily necessities in a fixed place, so that they can be easily picked up or searched.



If you have a habit of forgetting, then put the list of essential things on the table or wall, while leaving the house, take a look at it, it will be easy.



- The medicines which are to be taken daily, keep them in a plastic planer so that the medicines are kept in the attached compartments with the medicine of the day day-wise.



There is often confusion whether medicines have been taken or forgotten. There will be no mistake in eating the medicine from the planner.



- When climbing stairs, always be able to support the railing, especially on automatic stairs, even when capable.



Keep in mind that your body is no longer an obedient servant of your mind.



- In old age, any work that you have always been doing should not be stopped.



At least do your own work related to yourself.



- Do not leave the habit of getting out of the house every morning, going to the park, keep doing small exercises too. Otherwise you will get away from yoga and exercise and the activeness and elasticity of body parts will decrease. Do some yoga-pranayam every season.



- Leave the habit of running spades at home or outside. Take your own water, food, medicines etc. so that the body remains active.



Help of others should be taken only when very necessary.



- If there are small children in the house, then spend more time with them, but do not over-talk them. Teach them with love.



- Keep in mind that now you have to adjust with everyone, not everyone with you.



For adjusting this, whether it is a large family, small family or whether it is a wife / husband, friend, neighbor or society.



Always use a basic mantra.

 

1. Noan means salt. Control the taste of food.



2. Speak silently and only when necessary.



3. Who (eg who has come, who has gone, who is, who is doing what), reduce your interference.



Old age will become a blessing to the Lord as soon as the core mantra of non, silence, who is in life, can be consumed by very few people.



Understand how lucky you are.


Please send this message to your house, relatives, neighbors

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