Sunday, 26 April 2020

Corona's Treatment and Prevention

कोरोना के इलाज व बचाव  से   मरीज़ और उसके परिवार का इजाज़ के साथ साथ आत्मबल को बढ़ा रहा है।
जिसकी महत्ता दवा से अधिक मायने रखती है। कोरोना के इलाज व बचाव को बिना तनाव लिए ध्यान से पढ़ो और समझो 👇👇👇
https://bit.ly/2zwOMi1

Corona's Treatment and Prevention are helping the patient and his family, as well as increasing their self-esteem.
Which matters more than medicine. Read and understand the treatment and prevention of corona without stress.
Corona's treatment and prevention are helping the patient and his family, as well as increasing their self-esteem.
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Corona is a phlegm but it is a dry phlegm. Whatever antibiotic medicines our doctors give, they give the phlegm to dry, but if it is already dry, it does not affect it. For this reason, its treatment could not be found yet because they are not thinking beyond their scope. But Ayurveda has a very simple and direct diagnosis. It is said in Ayurveda that it is easiest to cut off the disease of phlegm.
Now let me explain the formula to cut this disease, which is completely scientific. According to Ayurveda, the properties of each food item have been described. As such every food is either kaphasa (kapha destroyer) or kaphavaadhar (kapha khaadha) according to its nature. Now, by quarantining the corona that is in a closed room, we have to do the simple thing that it has to stop giving it to the strong food items and to take most of the antiseptic things. When you will not get food to increase this virus itself and what you get is going to destroy phlegm, then I guarantee it will be destroyed within five days and the patient will be cured.
Now, check out the list of things which are quite long: -
1. Any meat, egg,
2. Ghee, any oil, milk, lassi, cheese, curd.
3. Onion, potato, urad dal, gram dal, arvi, sweet potato, cauliflower, cabbage, capsicum, tomato, garlic, mushrooms.
4. Orange, apple, banana, glucose,
5. Biscuits, Wheat Flour, Bread,
Note: - This is what the English doctors are dying because they are taking the pulsatile things to the patient. Look at the antidote.
1. Ginger, turmeric, basil, black pepper.
2. Shilajit, Mulethi, Amalaki Rasayana, Kala Bansa.
3. barley bread, moong dal, ghee, zucchini, cumin, rock salt,
4. Sweet Pomegranate, Chiku, Coconut Water.
I am writing down five treatments of this, each of which is sufficient in itself to diagnose it: -
1. Corona patient should only give milk of ginger, turmeric, basil and black pepper (in powder form). Cow's milk is best if it is indigenous. Do not give him anything else. Keep giving three times a day. By mixing a glass of milk and heating it. Yes, he can drink water if he wants, but he should be hot too. This process for 5 days continuously will make the patient fully healthy and corona will be over. Think of it as the source of phlegm closed. Phlegm finish.
2. Give one spoon each of Shilajit to the patient with three timed milk in a day. That is, three glasses of milk and three spoons of Shilajit. Do not give him anything else. Shilajit is extremely destructive. Keep giving three times a day. By mixing a glass of milk and heating it. Yes, he can drink water if he wants, but he should be hot too. This process for 5 days continuously will make the patient fully healthy and corona will be over. Cough destroyer will cure this chronic disease very soon.
3. Give one spoon of liquorice with milk. About three in a day. And yes the milk must always be hot. Do not give him anything else. Keep giving three times a day. By mixing a glass of milk and heating it. Yes, he can drink water if he wants, but he should be hot too. This process for 5 days continuously will make the patient fully healthy and corona will be over. Remember, do not give this to the patient of sugar, because sweet liquor increases the sugar too much.
4. Asbestos Bhasma (Shatputi) mixed with honey or cream or milk, give three times on an empty stomach. The amount of asbestos consumed should be around 1 gram. Give the patient a glass of milk two hours after taking it. Do this three times a day. Do not give anything else to the patient. This process should go on continuously for five days. Yes, a patient can drink hot water.
5. Burn black bamboo and mix its ashes with honey. And after two hours give a glass of cow's milk warm. Do this three times a day. Do this for five consecutive days.
Although milk is strong and strong, but eating cow's or goat's milk mixed with antipyretic things changes its tendency. Buffalo milk is much stronger than cow's or goat's milk. Apart from this, some other remedies are below:
1. Consumption of other insecticides. Yes, only take cow's hot milk in a complimentary form.
2. Keep the temperature of the room up to 45-50 degrees where the patient is. He will sweat constantly and his phlegm will start burning. This creates an odd situation for the development of the corona. The good news for the country of India is that there is going to be a terrible heat ahead, which will automatically stop the spread of this virus.
3. If there is so much power in the patient that he can run, then he should run for half an hour in the morning and half an hour in the evening, no matter how slow the run, but keep running for half an hour continuously. The science here is that when hard work is done in the body, phlegm burns first. Doing this will burn his phlegm. Yes, it is important to take care not to take anything that is strong. Eat barley bread. And eat ghee zucchini or moong dal. Even less.
4. If only the patient is given hot water for five days and nothing is given then his phlegm will end on its own. Yes, the patient may be a little weak. But the source of phlegm will definitely stop and his body will end this phlegm itself. 



कोरोना के इलाज व बचाव  से   मरीज़ और उसके परिवार का इजाज़ के साथ साथ आत्मबल को बढ़ा रहा है।
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कोरोना एक कफ है पर ये एक सूखा कफ है। हमारे डाक्टर जितनी भी एंटीबायटिक दवाईयां देते हैं वो कफ को सुखाने के लिए देते है लेकिन ये पहले ही सूखा हुआ कफ है तो इस पर कोई असर नहीं होता। इसी वजह से इसका इलाज अभी तक नहीं ढूंढा जा सका क्योंकि वो अपने दायरे से हटकर नहीं सोच रहे।पर आयुर्वेद में इसका बहुत ही सरल व सीधा निदान है। आयुर्वेद में कहा गया है कि कफ की बीमारी की काटना सबसे आसान है।

अब में इस बीमारी को काटने का सूत्र आपको समझाता हूं जोकि पूर्णतः वैज्ञानिक है। आयुर्वेद के हिसाब से प्रत्येक खाद्य वस्तु के गुण बताएं गए है। जैसे हर खाद्य पदार्थ अपनी प्रकृति के अनुसार या तो कफनाशक (कफ को नष्ट करने वाले) होता है या कफवर्धक( कफ को बढाने वाले) होता है। अब जिसको कोरोना है उसको एक बंद कमरे में क्वारंटाईन करके हमें सीधा सा काम ये करना है कि उसको कफवर्धक खाद्य वस्तुओं को देना बंद करना है और ज्यादातर कफनाशक चीजों का सेवन कराना है। जब इस वायरस को अपने बढाने के लिए खाद्य पदार्थ ही नही मिलेगा और जो मिलेगा वह कफ को नष्ट करने वाला है तो मैं गारंटी देता हूं पांच दिन के अंदर यह नष्ट हो जाएगा और मरीज ठीक हो जाएगा।

अब कफवर्धक चीजों की लिस्ट देख लीजिए जो कि काफी लंबी हैः-

1. कोई भी मांस, अंडा,
2. घी, कोई भी तेल, दूध, लस्सी, पनीर, दही।
3. प्याज, आलू, उडद की दाल, चने की दाल, अरवी, शकरकन्दी, फूलगोभी, बंदगोभी, शिमला मिर्च, टमाटर, लहसुन, मशरुम।
4. संतरा, सेब, केला, ग्लूकोज, 
5. बिस्कुट, गेहूं का आटा, ब्रेड,

नोटः- अंग्रेजी डाक्टर यही मर रहे है क्योंकि वो कफवर्धक चीजों का सेवन मरीज को करा रहैं है। कफनाशक चीजें देख लिजिए।

1. अदरक, हल्दी, तुलसी, काली मिर्च।
2. शिलाजीत, मुलेहठी, आमलकी रसायन, काला बांसा।
3. जौं की रोटी, मूंग दाल, घिया, तोरी, जीरा, सेंधा नमक,
4. मीठा अनार, चीकू, नारियल पानी।
इसके पांच इलाज में नीचे लिख रहा हूं जिनमें से हरएक इलाज अपने आप में पर्याप्त है इसके निदान के लिएः-

1. कोरोना मरीज को सिर्फ अदरख, हल्दी, तुलसी और काली मिर्च (पाउडर रुप में) का दूध देते रहे। गाय का दूध वो भी देशी हो तो सर्वोत्तम है। उसे कुछ और ना दे। दिन में तीन टाईम ये देते रहें। एक गिलास दूध में मिलाकर गर्म करके। हां वो पानी पी सकता है अगर चाहे तो पर वो भी गर्म होना चाहिए। 5 दिन लगातार इस प्रक्रिया से मरीज पूर्णत स्वस्थ हो जाएगा और कोरोना खत्म हो जाएगा। इसे ऐसे समझें कफ का सोर्स बंद। कफ खत्म।

2. दिन में तीन टाईम दुध के साथ एक एक चम्मच शिलाजीत रोगी को दे। अर्थात तीन गिलास दुध और तीन चम्मच शिलाजीत। उसे कुछ और ना दे। शिलाजीत अत्यंत कफनाशक है। दिन में तीन टाईम ये देते रहें। एक गिलास दूध में मिलाकर गर्म करके। हां वो पानी पी सकता है अगर चाहे तो पर वो भी गर्म होना चाहिए। 5 दिन लगातार इस प्रक्रिया से मरीज पूर्णत स्वस्थ हो जाएगा और कोरोना खत्म हो जाएगा। कफ नाशक चीजें इस कफजनित बीमारी को बहुत जल्द ठीक करेंगी।

3. एक चम्मच मुलेहठी को दूध के साथ दें। दिन में तीन बारे। और हां दूध हमेशा गर्म ही होना चाहिए। उसे कुछ और ना दे। दिन में तीन टाईम ये देते रहें। एक गिलास दूध में मिलाकर गर्म करके। हां वो पानी पी सकता है अगर चाहे तो पर वो भी गर्म होना चाहिए। 5 दिन लगातार इस प्रक्रिया से मरीज पूर्णत स्वस्थ हो जाएगा और कोरोना खत्म हो जाएगा। याद रखें ये सुगर के मरीज को ना दें क्योंकी मुलेहठी मीठी होने शुगर को बहुत ज्यादा बढा देती है।
4. अभ्रक भस्म (शतपुटी) शहद या मलाई या दुध में मिलाकर तीन वक्त दें खाली पेट। अभ्रक भस्म की मात्रा 1 ग्राम के आसपास होनी चाहिए। उसके लेने के दो घंटे बाद मरीज को एक गिलास दूध दें। ऐसा दिन में तीन बार करे। मरीज को और कुछ ना दे।लगातार पांच दिन यही प्रकिया चलनी चाहिए। हां गर्म पानी पी सकता है मरीज।

5.  काला बांसा को जलाकर उसकी राख शहद में मिलाकर दें। और दो घंटे बाद गाय का दूध दे एक गिलास गर्म। दिन में तीन बार ऐसा करे। लगातार पांच दिन यही करे।

दूध वैसे तो कफवर्धक है परन्तु गाय या बकरी का दूध में कफनाशक चीजें मिलाकर खाने से इसकी प्रवृत्ति बदल जाती है। भैंस का दूध ज्यादा कफवर्धक होता है बजाय की गाय या बकरी के दूथ के।इसके अलावा कुछ अन्य उपचार नीचे हैः

1. अन्य कफनाशक चीजों का सेवन। हां अनुपान रुप में सिर्फ गाय का गरम दूध ही लें।

2. जहां मरीज हो उस कमरे का तापमान 45-50 डिग्री तक रखें। उसे लगातार पसीना आएगा और उसका कफ जलना शुरु होजाएगा। ये कोरोना के विकास के लिए विषम परिस्थिति का निर्माण करता है। भारत देश के लिए खुशखबरी ये है कि आगे भयंकर गर्मी आने वाली है जिससे इस वायरस को फैलने में स्वयं रुकावट हो जाएगी।

3. अगर पेशेंट में इतनी शक्ति है कि वो रनिंग कर सकता है तो वो आधा घंटा सवेरे आधा घंटा शाम को दौड लगाए चाहें कितना ही मंदी क्यों ना दौडा जाए पर लगातार आधा घंटा दौडते रहें। यहा विज्ञान ये है कि जब शरीर में मेहनत होती है तो सबसे पहले कफ जलता है। ऐसा करने से उसका कफ जलेगा। हां खान पान में ये ध्यान रखना है कि कोई भी कफवर्धक चीज ना ले। जौं की रोटी खाए। और घीया तोरी या मूंग की दाल खाए। वो भी कम।

4. अगर पांच दिन तक सिर्फ मरीज को गर्म पानी ही दिया जाए और कुछ भी ना दिया जाए तो उसका कफ स्वयं खत्म हो जाएगा। हां मरीज थोडा कमजोर अवश्य हो सकता है। पर कफ का सोर्स अवश्य बंद हो जाएगा और उसका शरीर खुद इस कफ को खत्म कर देगा। याद रखे आम आदमी 60 दिन तक सिर्फ पानी पानी पर जीवित रह सकता है। भगत सिंह का साथी जतिनदास भूख हडताल के 64वें दिन मरा था। और वे सिर्फ पानी ही पी रहें थे। इसलिए बैफिक्र रहें।

*5. जो आदमी एक घंटा सवेरे एक घंटा शाम को मेडिटेशन करता है उसका शरीर स्वयं इस बीमारी को समाप्त कर देता है क्योंकि उसे ईश्वरीय उर्जा प्राप्त होने लगती है। ये सारे प्रयोग आयुर्वेद के अनुसार है। इसलिए में कहता हूं आयुर्वेद जीवनशैली को अपना लीजिए 

,,,🙏🙏🙏



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