Thursday, 7 May 2020

Request you to fold your hands and look at these facts and come forward now to Save the City

आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि इन तथ्यों पर निगाह डालें और शहर को बचाने के लिए अब आगे आ जाएं वरना कुछ दिनों में सबकुछ तबाह हो जाएगा...

#If you are from Indore: - 
Request you to fold your hands and look at these facts and come forward now to Save the City or else everything will be destroyed in a few days…

The corona is spreading like fire in Indore and the administration, politicians and all those responsible are only hiding the figures. If you go for a corona test today, your report will come after 10 days, by then you will either leave the world or be cured. During this time you will have infected your family and many people around. Whoever of these people will be a little weak will leave the world because of you.

In India itself, Kerala, Goa and many states are corona free because they did thousands of tests every day, gave reports in 24 hours and cured patients but this is not happening in Indore. Our focus is on hiding data, not on saving lives.

In the last one month, it has been proved that in a malaria-affected country such as India, if a person shows signs of corona, immediately goes to the doctor and reports it in 24 hours, then he is cured after 10 to 15 days of treatment. goes. During this time he is given some common medicines and he can be saved easily. If the investigation report starts coming to us soon then we will be able to save thousands of lives.

It is worth thinking that the private labs in Indore city got stressed in getting permission for testing. Surprising excuses were made by the administration and they were not allowed to investigate. Just because the figures don't go up. In other states of the country, the labs which are doing day-to-day testing were also not given permission to investigate here.

Now talk about hospitals. The largest brands are Bombay Hospital, CHL, Rajshri Apollo, Robert, San Francis and Cantonment-based Christian Hospital in Indore. 
These are the hospitals that were cutting silver in this city before Corona, but today they have closed themselves for the city. The question is why they were not taken in the Red category and the answer is absolutely correct and so much that they have the most approach in this city.

When Bombay Hospital came to the city, it was told that the medical image of the city would change. This will add to the city. The government provided all the facilities from the land to it. Even today the government cannot order it to treat corona patients because its hold and all these hospitals are very high. If these hospitals are started to be used to bring the city out of crisis, then within few days the situation will start improving.

Now the point is to open the lockdown. Will everything improve after 15 days? Nothing will improve The city will be ruined. Leaders and officials are saying that the figures will be reduced, be assured. This will happen because hiding the data is also in your hands. Instead of improving we are going to spoil everything.

Now we have the last and most dangerous weapon left in malaria and dengue. During the reporting, I made several reports, which found that 10 to 15 thousand people have malaria every year during the rainy season, but the government reports only 60 to 70 patients in its figures. It is argued that we do not consider private lab reports to be correct. Think, there can be something bigger than this. If you do not consider the report of the best labs in the country, then why not stop it. That is why we cannot stop because the whole world knows that they give the most accurate report but you do not want to tell the world how much malaria is still spread in your country. You thrash on the international stage and say that we are becoming a malaria free country, just because you do not accept their report.

Now all of you will do the same in Corona altogether. Almost something that West Bengal and some other states are doing today. The infection is spreading, people are dying and you are not giving their test report. After dying, they say that he died of pneumonia, died of heart attack or any other disease. The same is happening in Indore. After death, you either hide the report of that person or tell it wrong.


The leaders of the city, the officials and the responsibilities of the country are requested not to try to hide these things. The public is stupid but not so much. If the disease spreads, then one day his anger will also come out, if you are careful now, then you will be able to handle everything. If not now, it will ruin the whole country, not only Indore.



इंदौर में कोरोना आग की तरह फैल रहा है और प्रशासन, राजनेता और तमाम जिम्मेदार सिर्फ आंकड़े छुपाने में लगे हुए हैं। अगर आप आज कोरोना का टेस्ट करवाने जाएंगे तो आपकी रिपोर्ट 10 दिन बाद आएगी तब तक आप या तो दुनिया से चले जाएंगे या ठीक हो चुके होंगे। इस दौरान आप अपने परिवार और आसपास के कई लोगों को संक्रमित कर चुके होंगे। इनमें से जो भी लोग थोड़े बहुत कमजोर होंगे वे आपकी वजह से दुनिया से चले जाएंगे। 

भारत में ही केरल, गोवा और कई राज्य कोरोना फ्री हो चुके हैं क्योंकि उन्होंने रोज हजारों टेस्ट किए, 24 घंटे में रिपोर्ट दी और मरीजों को ठीक किया लेकिन इंदौर में ऐसा नहीं हो रहा। हमारा ध्यान जान बचाने पर नहीं आंकड़े छुपाने पर लगा हुआ है।

पिछले एक महीने में यह साबित हो चुका है कि मलेरिया इफेक्टेड देश जैसे भारत में यदि कोई व्यक्ति कोरोना के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर के पास चला जाए और 24 घंटे में उसकी रिपोर्ट दे दी जाए तो वह 10 से 15 दिन इलाज के बाद ठीक हो जाता है। इस दौरान उसे कुछ सामान्य दवाएं दी जाती हैं और उसे आसानी से बचाया जा सकता है। यदि हमारे यहां जांच रिपोर्ट जल्दी आने लगे तो हम हजारों लोगों की जान बचा पाएंगे। 

सोचने वाली बात है कि इंदौर शहर में प्राइवेट लैबों को जांच की अनुमति लेने में जोर आ गए। प्रशासन द्वारा फालतू बहाने बनाए गए और उन्हें जांच की अनुमति नहीं दी गई। सिर्फ इसलिए कि आंकड़े न बढ़ते जाएं। देश के दूसरे राज्यों में जो लैब दिनरात जांच कर रही हैं उन्हें भी यहां पर जांच की परमिशन नहीं दी गई। 

अब बात अस्पतालों की। इंदौर में बॉम्बे हॉस्पिटल, सीएचएल , राजश्री अपोलो, रॉबर्ट, सेन फ्रांसिस और छावनी स्थित क्रिश्चियन हॉस्पिटल सबसे बड़े ब्रांड हैं। 
ये वे अस्पताल हैं जो इस शहर में कोरोना से पहले चांदी काट रहे थे लेकिन आज इन्होंने खुद को शहर के लिए बंद कर दिया है। सवाल यह है कि इन्हें रेड कैटेगिरी में क्यों नहीं लिया गया और जवाब बिल्कुल सही और इतना सा है कि इस शहर में सबसे अधिक अप्रोच भी इन्हीं की है। 

बॉम्बे हॉस्पिटल जब शहर में आया तब बताया गया कि शहर की मेडिकल इमेज ही बदल जाएगी। यह शहर में चार चांद लगा देगा। जमीन से लेकर तमाम सुविधाएं इसे सरकार ने उपलब्ध कराई। आज सरकार भी इसे कोरोना मरीजों के इलाज के आदेश नहीं दे सकती क्योंकि इसकी और इन सब तमाम अस्पतालों की पकड़ बहुत ऊपर तक है। अगर शहर को संकट से उबारने में इन अस्पतालों का इस्तेमाल शुरू कर दिया जाए तो कुछ ही दिन में हालात सुधरने लगेंगे।

अब रही बात लॉकडाउन खोलने की। क्या 15 दिन बाद सब सुधर जाएगा। कुछ नहीं सुधरेगा। शहर बर्बाद हो जाएगा। नेता और अधिकारी कह रहे हैं कि आंकड़े कम होते जाएंगे, निश्चिंत रहिए। यह तो होगा ही क्योंकि आंकड़े छुपाना भी तो आपके ही हाथ में है। 
हम सुधारने की बजाय सब बिगाड़ते जा रहे हैं। 

अब हमारे पास आखिरी और सबसे खतरनाक अस्त्र बचा है जो हम मलेरिया और डेंगू में करते हैं। रिपोर्टिंग के दौरान मैंने कई खबरें की जिसमें पाया कि शहर में बारिश के समय हर साल 10 से 15 हजार लोगों को मलेरिया होता है लेकिन सरकार अपने आंकड़ों में सिर्फ 60 से 70 मरीज बताती है। तर्क दिया जाता है कि हम प्राइवेट लैब की रिपोर्ट सही नहीं मानते। सोचिए, इससे बड़ा मजाक कुछ हो सकता है। देश की सर्वश्रेष्ठ लैबों की रिपोर्ट यदि आप सही नहीं मानते तो बंद क्यों नहीं कर देते। इसलिए बंद नहीं कर सकते क्योंकि पूरी दुनिया जानती है कि वे सबसे सटीक रिपोर्ट देते हैं पर दुनिया को आप यह नहीं बताना चाहते कि आपके देश में अब भी मलेरिया कितना अधिक फैलता है। आप अंतरराष्ट्रीय मंच पर छाती ठोंककर कहते हैं कि हम मलेरिया फ्री कंट्री बन रहे हैं, सिर्फ इसलिए आप उनकी रिपोर्ट नहीं मानते। 

अब कुल मिलाकर आप सब कोरोना में भी यही करेंगे। लगभग कुछ ऐसा जो आज पश्चिम बंगाल और कुछ अन्य राज्य कर रहे हैं। संक्रमण फैल रहा है, लोग मर रहे हैं और आप उनकी जांच रिपोर्ट नहीं दे रहे। मरने के बाद बताते हैं कि वे निमोनिया से मरे, हार्टअटैक से मरे या किसी अन्य बीमारी से मरे। इंदौर में भी यही हो रहा है। मरने के बाद आप उस व्यक्ति की रिपोर्ट या तो छुपा लेते हैं या फिर गलत बता देते हैं। 

शहर के नेताओं, अधिकारियों और देश के जिम्मेदारों से निवेदन है कि सुधर जाएं इस बातों को छुपाने का प्रयास न करें। जनता बेवकूफ है पर इतनी भी नहीं है। बीमारी फैलती जाएगी तो एक दिन उसका भी गुस्सा फूट जाएगा, यदि आप अभी संभल गए तो सबकुछ संभाल पाएंगे। अभी नहीं संभले तो सिर्फ इंदौर ही नहीं पूरा देश बर्बाद कर जाएंगे।


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