Saturday, 11 April 2020

True Result of Your Wish

चाहत का फल 

True Result of Your Wish. 
Fruit of love

This home quarantine is the Result of the desires sought. Accept it and see it this way.

1. Children: They did not want to have a school and could play all day. (And it's done)

2. Woman: She wanted her husband to spend time with her in every household work. (And it's done)

3. Husband: I am troubled by this traffic and want that I stay at home and don't do any work and even get salary. (And it's done)

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https://bit.ly/2wyvSpV

4. Working Women: I wish I could spend some quality time with my children. (And it's done)

5. Student: I wish I do not study for the exam and the exam is postponed. (And it's done)

6. Older Parents: Wish our children could spend more time with us instead of being busy every day? (And it's done)

7. Employee: I am fed up with a job. I need a break. (And it's done)

8. Merchant: We have no life, I wish I could sit at home and watch TV. (And it's done)

9. Earth: I cannot breathe. I wish I got rid of all this pollution and chaos. (And it's done)



Conclusion: Now what will you complain about in such a situation? You got what you wanted. Therefore, ask for it in the future because God can fulfill whatever you want in a moment.




चाहत का फल 
यह होम क्वारंटाइन मांगी गई इच्छाओं का फल है। इसे स्वीकार करते हुए  इस तरह से देखें👇

1. बच्चे : चाहते थे कि उनका कोई स्कूल न हो और वह सारा दिन खेल सकें। (और यह हो गया

2. महिला : चाहती थी कि उनके पति उनके साथ समय बिताते हुए घर के हर काम में हाथ बटाएं। (और यह हो गया

3. पति : मैं इस ट्रैफिक से परेशान हूँ और चाहता हूँ कि मैं घर पर रहूँ  और कोई काम भी न करूँ और वेतन भी घर बैठे पाऊँ । (और यह हो गया

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4. नौकरीपेशा महिलाएं : काश मैं अपने बच्चों के साथ कुछ क्वालिटी टाइम बिता पाऊं। (और यह हो गया) 

5. विद्यार्थी : काश मैं परीक्षा के लिए अध्ययन नहीं करता और एग्जाम टल जाए। (और यह हो गया) 

6. वृद्ध माता-पिता : काश हमारे बच्चे रोज़ व्यस्त होने के बजाय हमारे साथ अधिक समय बिता पाते ? (और यह हो गया) 

7. कर्मचारी : मैं नौकरी से तंग आ चूका हूँ। मुझे एक ब्रेक की जरूरत है। (और यह हो गया) 

8. व्यापारीः हमारा कोई जीवन नहीं है, काश घर बैठकर टीवी देख सकते। (और यह हो गया) 

9. पृथ्वी : मैं सांस नहीं ले पा रही। काश, मुझे इस सारे प्रदूषण और अराजकता से निज़ात मिले। (और यह हो गया) 

निष्कर्षः अब आप ऐसे में ईश्वर से क्या शिकायत करेंगे ? आपने जो चाहा, वह हो गया। अतः आगे से सोच-समझकर मांगे क्योंकि आप जो चाहते हैं, ईश्वर पल भर में पूरा कर सकते हैं।
























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